भारत ने स्तिथ नहीं है दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर !

अंकोर कंबोडिया है दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर यह क्षेत्रफल में 820,000 वर्ग मीटर का है अंकोरवाट मंदिर पुरे विश्व के किसी भी धर्मस्थल में सबसे बड़ा मंदिर है जो 12वीं शताब्दी में राजा सूर्यवर्मन ll के द्वारा बनवाया गया था | इस मंदिर को दुनिया का आँठवा अजूबा भी माना जाता है!

ख्मेर शास्त्रीय शैली से प्रभावित स्थापत्य वाले इस मंदिर का निर्माण कार्य सूर्यवर्मन द्वितीय ने प्रारम्भ किया परन्तु वे इसे पूर्ण नहीं कर सके। मंदिर का कार्य उनके भानजे एवं उत्तराधिकारी धरणीन्द्रवर्मन के शासनकाल में सम्पूर्ण हुआ। मिश्र एवं मेक्सिको के स्टेप पिरामिडों की तरह यह सीढ़ी पर उठता गया है। इसका मूल शिखर लगभग ६४ मीटर ऊँचा है। इसके अतिरिक्त अन्य सभी आठों शिखर ५४ मीटर उँचे हैं। मंदिर साढ़े तीन किलोमीटर लम्बी पत्थर की दिवार से घिरा हुआ था, उसके बाहर ३० मीटर खुली भूमि और फिर बाहर १९० मीटर चौडी खाई है। विद्वानों के अनुसार यह चोल वंश के मन्दिरों से मिलता जुलता है। दक्षिण पश्चिम में स्थित ग्रन्थालय के साथ ही इस मंदिर में तीन वीथियाँ हैं जिसमें अन्दर वाली अधिक ऊंचाई पर हैं। निर्माण के कुछ ही वर्ष पश्चात चम्पा राज्य ने इस नगर को लूटा। उसके उपरान्त राजा जयवर्मन-७ ने नगर को कुछ किलोमीटर उत्तर में पुनर्स्थापित किया। १४वीं या १५वीं शताब्दी में थेरवाद बौद्ध लोगों ने इसे अपने नियन्त्रण में ले लिया।

 

falco / Pixabay

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अंकोरवाट मंदिर दो धर्मो की महत्वपूर्ण स्थली रहा है भगवान् विष्णु को समर्पित यह मंदिर एक प्रमुख हिन्दू स्थल रहा है वही बुद्ध धर्म का भी इस पर गहरा प्रभाव रहा है |

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अबाउट Aman Gupta

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