कर्नाटक की सांस्कृतिक राजधानी है मैसूर !

मैसूर कर्नाटक का दूसरा सबसे बड़ा शहर है ! इसे कर्नाटक की सांस्कृतिक राजधानी भी कहा जाता है । दक्षिण भारत का यह प्रसिद्ध पर्यटन स्थल अपने वैभव और शाही परिवेश के लिए जाना जाता है।

मैसूर शहर की पुरानी चमक-दमक, खूबसूरत गार्डन, हवेलियां और छायादार जगह यहां आने वाले पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। मैसूर की हवा में घुली चंदन की लकड़ी, गुलाब और दूसरी तरह की खुशबू ने इसे संडलवुड सिटी भी कहा जाता है। साथ ही इसे आइवरी सिटी और सिटी ऑफ पैलेसेस के नाम से भी जाना जाता है। कभी-कभी तो मैसूर को सिटी ऑफ योगा भी कहा जाता है, क्योंकि यहां के एक योगा सेंटर में सबसे ज्यादा लोग आते हैं। यहां होने वाले अष्टांग योगा कार्यक्रम में तो भारत के अलावा विदेशों से भी बड़ी संख्या में योगा प्रशंसक आते हैं।

स्थानीय संस्कृति और आकर्षण – मैसूर और आसपास के पर्यटन स्थल इतना तो तय है कि मैसूर की विशिष्ट संस्कृति से आप मोहित हुए बिना नहीं रहे सकेंगे। यहां की संस्कृति यहां के खान-पान, परंपरा, कला, शिल्प और जीवनशैली में साफ तौर पर देखा जा सकता है। यह शहर सही मायनों में कास्मोपॉलिटेन है, क्योंकि यहां हर धर्म और हर पृष्ठभूमि के लोग रहते हैं।

मैसूर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय मैसूर सिटी अपने यहां आने वाले पर्यटकों को बड़ी संख्या में घूमने का विकल्प मुहैया कराता है। यहां के प्रचीन स्मारकों में आप महलों से लेकर प्रचीन मंदिरों, संग्रहालय, झील और गार्डन देख सकते हैं। शहर में बड़ी संख्या में महल होने के कारण इसे महलों का शहर कहा जाता है। मैसूर महल या अंबा महल शहर का सबसे चर्चित महल है। साथ ही यह भारत का सबसे ज्यादा घूमा जाने वाला स्मारक भी है। मैसूर शहर के कुछ प्रमुख आकर्षणों में मैसूर जू, चामुंडेश्वरी मंदिर, महाबलेश्वर मंदिर, सेंट फिलोमेना चर्च, वृंदावन गार्डन, जगनमोहन महल आर्ट गैलरी, ललिता महल, जयलक्ष्मी विलास हवेली, रेलवे म्यूजियम, करणजी झील और कुक्करहल्ली झील प्रमुख है। साथ ही मैसूर जाने वाले पर्यटक आसपास के पर्यटन स्थल घूमने भी जाते हैं।

मैसूर से पास में ही स्थित पर्यटन स्थलों मे श्रीरंगपट्टनम, नंजनगुड, श्रीवानसमुद्री जलप्रपात, तलाकाडु मेलकोट, सोमनाथपुरम, हैलेबिड, बेलूर, बांदीपुर नेशनल पार्क, श्रवणबेलगोला और कुर्ग प्रमुख है। रामनगर नामक नगर परिसर रॉक क्लाइंबिंग का बेहतरीन विकल्प मुहैया कराता है। इसके अलावा आप रॉक क्लाइंबिंग के लिए सावनदुर्गा, कब्बलदुर्गा, तुमकुर, तुराहल्ली और कनकपुरा भी जा सकते हैं। साथ ही बदामी और हंपी में बने चट्टान भी मैसूर आने वाले पर्यटकों को बड़ी संख्या में अपनी ओर खींचते हैं। बिलिगिरिरंगन हिल्स, चिकमागालुर, हस्सन और कोडागु ट्रेकर्स का पसंदीदा स्थान है। वहीं एंगलर्स मैसूर के बाहरी इलाके में स्थित काउवेरी फिशिंग कैंप जाना पसंद करते हैं। नागरहोल राजीव गांधी नेशनल पार्क, बीआर हिल्स अभ्यारण्य और रंगनातिट्टु पक्षी अभ्यारण्य तो बर्ड वॉचर्स के लिए स्वर्ग से कम नहीं है। मैसूर शहर हाथी के दांतों पर किए गए काम, सिल्क, संदलवुड उत्पाद और लकड़ियों की नक्काशी के लिए भी जाना जाता है। मैसूर में 10 दिन तक चलने वाले दशहरा उत्सव पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

sarangib / Pixabay
शेयर करें

अबाउट Aman Gupta

इसके अलावा चेक करें

झीलों का शहर है भोपाल !

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल झीलों के शहर के रूप में भी प्रसिद्ध है । …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *